यह परीक्षा दो चरणों (प्री व फाइनल) में आयोजित की जाती है। प्री एग्जाम के अंतर्गत 200 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का स्वरूप ऑब्जेक्टिव होता है तथा वे फिजिक्स, कैमिस्ट्री व बायोलॉजी (जूलॉजी व बॉटनी) से संबंधित होते हैं। इसके लिए तीन घंटे का समय निर्धारित है, जबकि फाइनल एग्जाम में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या 120 होती है तथा वे फिजिक्स, कैमिस्ट्री व बायोलॉजी से संबंधित होते हैं। इस एग्जाम के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित है। प्री-एग्जाम क्लीयर होने के बाद ही फाइनल एग्जाम में बैठने की अनुमति मिलती है।
पेपर हिन्दी व अंग्रेजी, दोनों ही माध्यम में पूछे जाएंगे। छात्र जिस माध्यम का सहारा ले रहे हैं, उसका विवरण उन्हें फॉर्म भरते समय ही देना होता है। करियर काउंसलर गीतांजलि कुमार का कहना है कि यह एग्जाम सीबीएसई के 85 प्रतिशत सिलेबस पर फोकस्ड होता है। एआईपीएमटी में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पैटर्न 11वीं व 12वीं के पाठय़क्रम से होता है, इसलिए छात्रों को अपनी तैयारी उसी के इर्द-गिर्द रखनी होती है। प्रश्नों का स्वरूप ऑब्जेक्टिव होने के कारण वे कहीं से भी पूछे जा सकते हैं।
एआईपीएमटी में जो भी प्रश्न पूछे जाते हैं, वे एनसीईआरटी की किताबों पर ही आधारित होते हैं, इसलिए एनसीईआरटी की किताबों के सभी टॉपिक्स सही तरीके से तैयार करें। इसके अलावा जिन किताबों का छात्र चयन कर रहे हैं, उनके बारे में अपने अध्यापक व एक्सपर्ट से एक बार राय जरूर लें। तैयारी के दौरान यदि कहीं से कोई दिक्कत आ रही है तो छात्र तत्काल मदद लें। उसे कल पर टालने से दबाव और बढ़ता ही जाएगा।
इस परीक्षा में निगेटिव मार्किग का प्रावधान रखा गया है। गलत उत्तर दिए जाने पर एक चौथाई अंक काट लिया जाएगा, इसलिए उत्तर देते समय छात्रों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। जिन प्रश्नों को लेकर छात्रों में दुविधा की स्थिति है, उसे छोड़ कर आगे बढ़ जाएं। बाद में समय मिलने पर एक बार उन्हें देख लें। इस स्थिति में कुछ और प्रश्नों का उत्तर देने में सफलता मिल सकती है।
परीक्षा के लगभग एक माह पहले से ही छात्र प्रतिदिन एक या दो सैंपल पेपर हल करें। यह सैंपल पेपर निर्धारित समय में हल करें तो विशेष फायदेमंद साबित होता है। इससे परीक्षा के पैटर्न का पता तो चलता ही है, साथ ही टाइम बाउंडेशन का भी आभास हो जाता है। हालांकि छात्रों को शुरू-शुरू में समय ज्यादा लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे उनकी प्रैक्टिस होती जाएगी, समय का दायरा कम होता जाएगा।
टाइम टेबल बना कर अध्ययन करें
बोर्ड के स्टूडेंट विशेष सावधानी बरतें
परीक्षा में स्पीड का भी ध्यान रखें
विशेषज्ञों की राय लेते रहें
परीक्षा को ‘डू ऑर डाई’ न बनाएं
पेपर सेक्शन प्रश्न समय
प्री एग्जाम फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी 200 तीन घंटे
फाइनल एग्जाम फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी 120 तीन घंटे




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