Wednesday, February 8, 2012

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इसे क्रैक कर डाला तो समझो डॉक्टरी का रास्ता साफ


डॉक्टर बनने का ख्वाब देखने वालों के लिए ऑल इंडिया प्री मेडिकल-प्री डेंटल परीक्षा विशेष महत्व रखती है। इसे क्रैक कर डाला तो समझो डॉक्टरी का रास्ता साफ हो गया। इस परीक्षा की तैयारी किस तरह की जाए,
देश में डॉक्टरी के पेशे को सम्मान और चैलेंजिंग प्रोफेशन के तौर पर देखा जाता है। डॉक्टर के रूप में काम करने का अवसर तभी मिल पाता है, जब इसकी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को पास कर लिया जाए। इन्हीं प्रमुख परीक्षाओं में एक एआईपीएमटी (ऑल इंडिया प्री मेडिकल-प्री डेंटल टेस्ट) भी है। इस परीक्षा का आयोजन सीबीएसई द्वारा किया जाता है। इसमें सफल होने के बाद एमबीबीएस अथवा बीडीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश मिलता है। वैसे इसमें आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, लेकिन छात्र विलंब शुल्क (1000 रुपए) के साथ 09 फरवरी से 24 फरवरी 2012 तक आवेदन कर सकते हैं। इसमें आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन है।

साइंस स्ट्रीम में बारहवीं आवश्यकएआईपीएमटी में बैठने के लिए छात्र को फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी व इंग्लिश सहित 10+2 की परीक्षा 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना जरूरी है। इसके अलावा छात्र की आयु 17-25 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। इस साल बारहवीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र भी इस परीक्षा में बैठ सकते हैं, लेकिन उन्हें एक निश्चित समयावधि में अंतिम निर्धारित योग्यता का अंक पत्र दिखाना आवश्यक है। अंक पत्र न होने की स्थिति में उनकी पात्रता निरस्त कर दी जाएगी। आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले छात्रों को आयु व अंक प्रतिशत, दोनों में छूट दी जाएगी।
परीक्षा दो चरणों में
यह परीक्षा दो चरणों (प्री व फाइनल) में आयोजित की जाती है। प्री एग्जाम के अंतर्गत 200 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का स्वरूप ऑब्जेक्टिव होता है तथा वे फिजिक्स, कैमिस्ट्री व बायोलॉजी (जूलॉजी व बॉटनी) से संबंधित होते हैं। इसके लिए तीन घंटे का समय निर्धारित है, जबकि फाइनल एग्जाम में पूछे जाने वाले प्रश्नों की संख्या 120 होती है तथा वे फिजिक्स, कैमिस्ट्री व बायोलॉजी से संबंधित होते हैं। इस एग्जाम के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित है। प्री-एग्जाम क्लीयर होने के बाद ही फाइनल एग्जाम में बैठने की अनुमति मिलती है।  
पैटर्न 11वीं व 12वीं का
पेपर हिन्दी व अंग्रेजी, दोनों ही माध्यम में पूछे जाएंगे। छात्र जिस माध्यम का सहारा ले रहे हैं, उसका विवरण उन्हें फॉर्म भरते समय ही देना होता है। करियर काउंसलर गीतांजलि कुमार का कहना है कि यह एग्जाम सीबीएसई के 85 प्रतिशत सिलेबस पर फोकस्ड होता है। एआईपीएमटी में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पैटर्न 11वीं व 12वीं के पाठय़क्रम से होता है, इसलिए छात्रों को अपनी तैयारी उसी के इर्द-गिर्द रखनी होती है। प्रश्नों का स्वरूप ऑब्जेक्टिव होने के कारण वे कहीं से भी पूछे जा सकते हैं।
एनसीईआरटी की किताबें सहायक
एआईपीएमटी में जो भी प्रश्न पूछे जाते हैं, वे एनसीईआरटी की किताबों पर ही आधारित होते हैं, इसलिए एनसीईआरटी की किताबों के सभी टॉपिक्स सही तरीके से तैयार करें। इसके अलावा जिन किताबों का छात्र चयन कर रहे हैं, उनके बारे में अपने अध्यापक व एक्सपर्ट से एक बार राय जरूर लें। तैयारी के दौरान यदि कहीं से कोई दिक्कत आ रही है तो छात्र तत्काल मदद लें। उसे कल पर टालने से दबाव और बढ़ता ही जाएगा।
डायग्राम व न्यूमेरिकल की प्रैक्टिस करेंमेडिकल के छात्रों को सबसे अधिक परेशानी न्यूमेरिकल्स, फिजिक्स फॉमरूले व डायग्राम में आती है, जबकि कैमिस्ट्री में ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री स्कोरिंग होती है। छात्र डायग्राम की प्रैक्टिस करते समय यह ध्यान दें कि कभी-कभी पूरा प्रश्न उसी पर आधारित होता है। फिजिक्स के फॉमरूले अच्छी तरह से याद होने चाहिए, तभी आप प्रश्नों का उत्तर आसानी से दे सकेंगे। संभव हो तो इन फॉमरूलों का शॉर्टकट बना लें। इससे समय की बचत होगी।
निगेटिव मार्किंग से सावधान
इस परीक्षा में निगेटिव मार्किग का प्रावधान रखा गया है। गलत उत्तर दिए जाने पर एक चौथाई अंक काट लिया जाएगा, इसलिए उत्तर देते समय छात्रों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। जिन प्रश्नों को लेकर छात्रों में दुविधा की स्थिति है, उसे छोड़ कर आगे बढ़ जाएं। बाद में समय मिलने पर एक बार उन्हें देख लें। इस स्थिति में कुछ और प्रश्नों का उत्तर देने में सफलता मिल सकती है।
सैंपल पेपर हल करें
परीक्षा के लगभग एक माह पहले से ही छात्र प्रतिदिन एक या दो सैंपल पेपर हल करें। यह सैंपल पेपर निर्धारित समय में हल करें तो विशेष फायदेमंद साबित होता है। इससे परीक्षा के पैटर्न का पता तो चलता ही है, साथ ही टाइम बाउंडेशन का भी आभास हो जाता है। हालांकि छात्रों को शुरू-शुरू में समय ज्यादा लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे उनकी प्रैक्टिस होती जाएगी, समय का दायरा कम होता जाएगा।
तैयारी के प्रमुख टिप्सअंग्रेजी को इग्नोर न करें
टाइम टेबल बना कर अध्ययन करें
बोर्ड के स्टूडेंट विशेष सावधानी बरतें
परीक्षा में स्पीड का भी ध्यान रखें
विशेषज्ञों की राय लेते रहें
परीक्षा को ‘डू ऑर डाई’ न बनाएं
प्री एग्जाम की तिथि:  01 अप्रैल, 2012फाइनल एग्जाम की तिथि: 13 मई, 2012
परीक्षा एक नजर में
पेपर सेक्शन  प्रश्न समय
प्री एग्जाम फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी 200 तीन घंटे
फाइनल एग्जाम फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी 120 तीन घंटे

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